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Anmol Vachan Part 19 In Hindi

    अनमोल वचन पार्ट - 19

Best motivational and inspirational thoughts in hindi language. Useful thoughts for constructing charactor of growing students. 

ANMOL VACHAN PART - 19

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1. याद रखना दुःख भोगने वाला तो कभी न कभी सुखी हो सकता है, पर दुःख देने वाला कभी सुखी नहीं हो सकता।

2. ये दुनियां बेशक कमजोर हो सकती है, पर दुनियां बनाने वाला कभी कमजोर नहीं हो सकता।

3. स्कूल कॉलेज भले ही छूट जाते हैं , पर परीक्षाएं जीवन में कभी समाप्त नहीं होती।

4. संघर्ष प्रकृति का आमंत्रण है , जो स्वीकार करता है , वही आगे बढ़ता है।

5. जो अपने कार्य को पूरे मन से करता है , उसे सफलता जरूर मिलती है।

6. स्नेह अनकहे शब्दों का संसार है , जिसे सिर्फ ह्रदय ही समझता है।

7. ये सत्य है कि  भीड़ में सभी अच्छे लोग नहीं होते , पर ये भी सच्चाई है कि अच्छे लोगों की भीड़ भी नहीं होती।

8. आजादी कैसे मिली थी ये पढ़ने से ज्यादा अच्छा है ये पढ़ना कि हम गुलाम कैसे हुए थे।

9. बात करने की जिद उससे करो जो आपसे बात करके खुश हो , उनसे नहीं जो आपसे बात करके दुखी हो।

10. जिंदगी में लोगों का आना भी एक मकसद होता है , कुछ तुम्हें आजमाएंगे , कुछ तुम्हे सिखाएंगे , कुछ तुम्हे इस्तेमाल करेंगे , और कुछ तुम्हे जीने का सही मतलब भी बताएंगे।

11. कुदरत का सुन्दर सन्देश , आप पृथ्वी के मेहमान है , मालिक नहीं।

12. बुरा वक़्त हो तो मेहनत करो , वक़्त अच्छा हो तो किसी की मदद करो।

13. मुश्किल में साथ छोड़ देने वाला कितना भी अपना क्यों न हो , दिल से उत्तर ही जाता है।

14. जबाब तो हर बात का दिया जा सकता है, मगर जो रिश्तों की कीमत ही नहीं समझ पाया , शब्दों को क्या समझेगा।

15. अब इतनी ज्यादा समझ आ गई  है , कि न तो किसी के साथ बहस करने को मन करता है, और न ही किसी को समझाने को मन करता है।

16. बंधन रिश्तों का नहीं एहसास का होता है , जहां एहसास ख़त्म वहां रिश्ता खत्म।मेरे हालत तो इक दिन सुधर जायेंगे , लेकिन बहुत से लोग मेरे दिल से उत्तर जायेंगे।

17. किसी को समझने के लिए हर बार भाषा की जरूरत नहीं होती , कभी कभी उसका व्यवहार बहुत कुछ कह देता है।

18. शीशा और पत्थर संग संग रहे तो बात नहीं घबराने की , शर्त इतनी है कि बस  दोनों जिद न करें टकराने की।

19. जिंदगी का आनंद अपने तरिके से ही लेना चाहिए , लोगों की ख़ुशी के चक्कर में तो शेर को भी सर्कस में नाचना पड़ता है।

20. गीता में लिखा है जब भक्ति में मन लगने लगे तो समझ लेना आपने भगवन को नहीं बल्कि भगवन ने आपको चुना है।

21. सुख का लालच ही नय दुःख को जन्म देता है।

22. जीभ सुधर जाये तो जीवन सुधरने में वक्त नहीं लगता। जहां सज्जन होते हैं वहां संवाद होते हैं, और जहां मुर्ख होते हैं वहां विवाद होते हैं।

23. दूसरों का भला करने वाले मनुष्य को हमेशा कष्टों का सामना करना पड़ता है , क्योंकि हमेशा फल देने वाले बृक्षों को ही पत्थरों की मार सहनी पड़ती है।

24. शांत मन से ही हम सही और गलत का फैसला कर सकते हैं , क्रोधित मन से तो हमे वही दिखेगा जो हमारा मन दिखायेगा।

25. माधव कहते हैं , मजबूत बनो लेकिन असभ्य नहीं , दयालु बनो , लेकिन कमजोर नहीं , विनम्र बनो , लेकिन डरपोक नहीं , गर्व करो लेकिन अहंकार नहीं।

26. हमेशा सच बोलिये , क्योंकि झूठ को तो याद रखना पड़ता है , मगर सच को याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती।

27. हँसते हुए लोगों की संगत  इत्र की दुकान जैसी होती है , कुछ न खरीदो तो भी , रूह तो महका ही देती है।

28. समाज में बदलाव न आने का कारण - गरीब में हिम्मत नहीं , माध्यम वर्ग को फुर्सत नहीं , और अमीरों को जरूरत नहीं।

29. गरीबी वह तेजाब है , जिसमे खून के रिश्ते भी जल जाते हैं , और पैसा वह चुम्बक है जो दुश्मनों को भी दोस्त बना लेता है।

30. मतलबी लोग और धूल एक जैसे होते हैं , जिधर की हवा चलती है , उधर ही चल पड़ते हैं।

31. फूंक मारने से दिया भुझ सकता है पर अगरबत्ती नहीं , अर्थात जो महकता है, उसे कोई नहीं बुझा सकता और जो जलता है वह खुद बुझ जाता है।

32. बेहतरीन होते हैं वो रिश्ते , जो लाख तकरार के बाद भी सिर्फ और सिर्फ एक मुस्कुराहट से पहले जैसे हो जाते हैं।

33. ये जिंदगी तब तक हलकी लगती है, जब तक सारे  बोझ माँ बाप ने उठाये होते हैं।

34. जीवन एक यात्रा है , रो कर जीने से बहुत लम्बी लगेगी , और हस कर जीने पर कब पूरी हो जाएगी , पता भी नहीं चलेगा।

35. गुण न हो तो रूप व्यर्थ है , उपयोग न हो तो धन व्यर्थ है , और विनम्रता न हो तो विद्य व्यर्थ है।

36. देख किसी का दर्द जब आह निकल आती है , बस यही बात इंसान को इंसान बनाती  है।

37. जहां दया वहां धर्म है , जहां लोभ वहां पाप है , जहां क्रोध वहां नाश है , जहां क्षमा वहां भगवान है।

38. सुख भी मुझे प्यारे है , दुःख भी मुझे प्यारे है , छोडूं मैं किसे प्रभु , दोनों ही तुम्हारे हैं , सुख में तेरा शुक्र करूं , दुःख में फरियाद करूं , जिस हाल  में तू रखे मैं तुझे याद करूं।

39. गीता में श्री कृष्ण ने कहा है , स्वर्ग का सपना छोड़ दो , नर्क से डरना छोड़ दो , कौन जाने क्या पाप क्या पुण्य है , बस किसी का दिल न दुखे किसी स्वार्थ के लिए , बाकि सब कुदरत पे छोड़ दो , न पैसा बड़ा, न पद बड़ा , मुसीबत में जो साथ खड़ा, वो सबसे बड़ा। 


40. किसीने मुझसे पूछा , आपने जीवन में क्या किया और क्या नहीं किया ?

मैंने  हंसकर कहा,  ईमानदारी से जिया और किसी की धोखा नहीं दिया।

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Comments

  1. Wow , Ultimate Sir , u r such a decent soul , what a neat and clean writing ❤️

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