Anmol Vachan Part 13 In Hindi

  अनमोल वचन पार्ट - 13

ANMOL VACHAN PART - 13

************************************** 

1

दिशा दिखाने वाला सही मिल जाए, तो दीपक का प्रकाश भी सूर्य का काम करता है।

2

चतुर युग चल रहा है, इसलिए यह विचार छोड़ दीजिए कि बिना स्वार्थ के लोग आपसे रिश्ता रखेंगे।

3

कर्म कहता है, जितना गलत आप दूसरों के साथ करोगे, उससे ज्यादा गलत आपके साथ भी होगा।

4

जिस दिन हर एक धर्म पैसे और प्रसाद की जगह फूल चढ़ाने लग जाएंगे, उसी दिन से पुजारी खुद कहेगा कि मंदिर में कोई भगवान नहीं है।

6

झूठे इंसान की ऊंची आवाज सच्चे इंसान को खामोश करा देती है, लेकिन सच्चे इंसान की खामोशी झूठे इंसान की बुनियाद हिला देती है।

7

देने के लिए दान, लेने के लिए ज्ञान, और त्यागने के लिए अभिमान सबसे श्रेष्ठ हैं।

8

 जबरदस्ती किसी की जिंदगी का हिस्सा बनने से बेहतर है, खुद को संभालो और उसकी जिंदगी से बहुत दूर चले जाओ। 

9

 मित्रता कोई स्वार्थ नहीं है, बल्कि एक विश्वास है। जहां सुख में हंसी मजाक से लेकर, संकट तक साथ देने की जिम्मेदारी होती है। 

10

 कर्तव्य ही धर्म है, और प्रेम ही ईश्वर है, सेवा ही पूजा है, और सत्य ही भक्ति है। 

11

 ईश्वर दे तो कोई छीन  नहीं सकता, और वह छीन ले तो कोई दे नहीं सकता। 

12

 विश्वास और प्रेम में एक ही समानता है, इन दोनों में से किसी को भी जबरदस्ती पैदा नहीं किया जा सकता। 

13

 किसी ने पूछा इस दुनिया में आपका अपना कौन है, मैंने हंस कर कहा - समय। अगर समय  सही तो सभी अपने, वरना कोई नहीं।

14

 संबंध इतना सुंदर बनाएं, की सुख हो या दुख हक से बात कर सकें। कहते हैं कि कोई तराजू नहीं होता रिश्तो का वजन तोलने के लिए, लेकिन परवाह  बताती है कि  ख्याल का पलड़ा कितना भारी है। 

15

अगर अंधे आदमी को दिखने लग जाए, तो वह सबसे पहले अपनी छड़ी को फेंकता है  जिसने हमेशा उसका साथ दिया। 

16

अगर कर्म  पर विश्वास और भगवान पर श्रद्धा रखोगे तो जीवन  में  चाहे कितना भी बुरा समय क्यों ना हो, रास्ता अवश्य मिल जाएगा। 

17

यदि आपको ठीक से दिखाई नहीं देता तो किसी पर हद से ज्यादा भरोसा करके देखो , वो आपकी ऐसी आँखें खोलेगा कि आपको दूर दूर तक साफ़ नजर आएगा। 

18

दुःख से बचने का एक ही रास्ता है के सुख को न चाहना। 

19

किसी  के साथ रहो तो वफादारी से रहो , धोखा देने का काम तो गिरे हुए लोग करते हैं। 

20

लोग दिल के साथ खेलते हैं, और तमाशा जिंदगी का बनता है। 

21

मैं कल को ढूंढ़ता रहा दिन भर , शाम होते होते आज भी गुजर गया। 

22

किसी की आदत लगने में वक़्त नहीं लगता , मगर आदत ख़तम करते करते जिंदगी लग जाती है। 

23

बहुत दिनों से कोई जखम नहीं मिला , जरा पता तो करो ये अपने है कहां। 

24

जीभ और शब्द दो अनमोल तोहफे हैं, किसी ने इसे बहुत सारा सुकून कमाया है, तो किसी ने इससे  सब कुछ गंवाया है। 

25

 जीवन में कभी किसी की भलाई व्यर्थ नहीं जाती, वह कब और किस रूप में लौट कर आएगी या केवल ईश्वर ही जानता है। 

26

 सफर का रास्ता मुश्किल जरूर होता है, लेकिन सब्र  करने वालों की मंजिल बड़ी खूबसूरत होती है।

27

मस्तक को थोड़ा झुका  कर देखिए अभियान मर जाएगा।  आंखों को थोड़ा भिगोकर देखिए, पत्थर दिल पिघल जाएगा।  इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए खुशियों का संसार नजर आएगा। 

28

भोजन का त्याग करने से ईश्वर कभी खुश नहीं होते, अगर त्याग करना ही है तो गंदे विचार, अहंकार, और गंदे कर्मों का करिए। 

29

खुद की औकाद होगी तो दुनियाँ कद्र करेगी , किसी के दाएँ बाएँ खड़े होने से किरदार ऊँचे नहीं होते। 

30

पेट फकीर का भी खाली नहीं रहता, और ख्वाहिश बादशाह की भी पूरी नहीं होती, आपके पास जो है उसका शुक्र अदा करते रहिए। 

31

जिंदगी पूछती है और कुछ चाहिए , मैं कहता हूँ , जो था वही लोटा दे। 

32

 गलतियां दिमाग को हमेशा भ्रम में डाल देती हैं, अगर ट्रेन का टिकट न लो तो समोसे बेचने वाला भी टी टी  नजर आता है। 

33

 दुख हमारे जीवन में इसलिए आते हैं, ताकि हम सुख का महत्व समझ सकें। 

34

 जीवन का सबसे कीमती तोहफा एक अच्छा मित्र है, जो कीमत से नहीं किस्मत से मिलता है। 

35

 शरीर आराम की तलाश में है, और हालात पैसों की तलाश में है, मन शांति की तलाश में है, और दिल अपनों की तलाश में है। 

36

 इंसान का स्वभाव कुछ इस तरह है, जो लेकर जाना है उसे छोड़ रहा है, और जो यही रह जाना है उसे जोड़ रहा है। 

37

 सादगी से महंगा कोई गहना नहीं है, शायद इसीलिए सब ने इसे पहन नहीं है। 

38

 सबसे ज्यादा अर्थ उन शब्दों के निकाले जाते हैं, जो कभी कहे ही नहीं गए। 

39

दूसरों के साथ वैसी ही उदारता रखो , जैसी तुम ईश्वर  से अपने लिए चाहते हो।  

40

अगर चूहा पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं, मगर जिंदा हो तो मारे बिना सांस नहीं लेते।

सांप अगर पत्थर का हो तो सब पूजते हैं, मगर जिंदा हो तो उसे पकड़वाकर जंगल में छोड़ने की बजाए मार देते हैं।

औरत अगर पत्थर की हो तो देवी समझ कर सब पूजते हैं, मगर जिंदा है तो मारते और  नोचते हैं

बस यही समझ में नहीं आता कि जिंदगी से इतनी नफरत क्यों और पत्थरों से इतनी मोहब्बत क्यों।


THANKS FOR YOUR VISIT
PLEASE COMMENT BELOW

Comments

Post a Comment

Breaking News

Popular Post on this Blog

Hindi Shayari Home Page

Anmol Vachan Part 19 In Hindi

Home Page For Hindi Yaden

SUBSCRIBE FOR NEW POSTS

Followers