Hindi Shayari Part 9
हिंदी शायरी पार्ट - 9
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1. फासले ऐसे भी होंगे कभी सोचा न था , सामने बैठा था मेरे पर वो मेरा न था। 2. शमा बुझ गई तो महफ़िल में रंग आया , जीवन बीत गया तो जीने का ढंग आया। 3. जिंदगी तुझे नए मोड़ पर ला ही देंगे , तू हमे कुछ भी न दे , पर हम तो वफ़ा ही देंगे। 4. जो न होना था वो हादसा हो गया , यार मेरा मुझसे जुड़ा हो गया। 5. शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले , वतन पर मिटने वालों का यही बाकि निशां होगा। 6. गमे जिंदगी को देखकर हमे रोना आ गया, पर ऐ रोने वाले तुझे किस बात पे रोना आ गया। 7. खिल उठे मन की वीणा , अभिनन्दन के तार , हे दया के स्वामी , आपका स्वागत बारम्बार। 8. इक नज़र को नज़र से नज़र मिलते नज़र ने देखा , नज़र पड़ी नज़र पे उनकी तो नजर चुराते नजर ने देखा। 9. हम इतने हारे के दुनियाँ वालों ने हमें, हराना ही छोड़ दिया , जहां दिलवालों ने बनाया प्यार का आशियाँ, हमने वहां जाना छोड़ दिया। 10. हमने चाहा था आपको पर, आपने चाहा किसी और को , खुदा करे के जिसे आप चाहो, वो चाहे किसी और को। 11. डाली डाली पे लोगों ने नजर डाली, इक डाली ने मेरी भी तबीयत खुश कर डाली, पर जिस डाली पर मेने नजर डाली , वह डाली ही कुछ लोगों ने तोड़ डाली। 12. समझ सके तो समझ को समझो , समझ को समझना भी बड़ी समझ है , समझ-समझ कर जो समझ न समझे , वह मेरी समझ में न समझ है। 13. हमदम से गए , हमदम के लिए , हमदम की कसम , हमदम, न मिला जख्मो जिगर थे जो इस दिल के, मर हम भी गए पर मलहम न मिला। 14. सबकी जिंदगी में खुशियां देने वाले, मेरे दोस्त की जिंदगी में कोई गम न हो , उनको हमसे भी अच्छे दोस्त मिले , पर जब इस दिनियाँ में हम न हों। 15. आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी , जब हम न होंगे तब हमारी बातें होंगी , कभी पलटोगे जिंदगी के ये पन्ने , तब आपकी आँखों से भी बरसातें होंगी। 16. दोस्तों की कमी को पहचानते हैं हम, दुनियां के गमो को भी जानते हैं हम, आप जैसे दोस्तों का सहारा है तभी तो, आज भी हंसकर जीना जानते हैं हम। 17. खुशियों से नाराज है मेरी जिंदगी , प्यार की मोहताज है मेरी जिंदगी , हंस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए , वरना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी। 18. हंसना तो सभी जानते हैं मगर , रोना तेरे नसीब में न हो , भगवन न करे कभी आँशु तेरी आँखों से निकले वरना , हमको कोई भी ख़ुशी नसीब न हो। 19. फूलों ने अमृत का जाम भेजा है , तारों ने गगन से सलाम भेजा है , रंगों और खुशियों से भरी हो आपकी जिंदगी , तहेदिल से हमने ये पैगाम भेजा है। 20. खुशियों और तमन्नाओं से दूरी हो गई , हंसना मुस्कराना तो जैसे मजबूरी हो गई , हमने तो कभी ऐसे मुख मोड़ने का सोचा न था , ये तो किसी और की मुराद थी जो पूरी हो गई। 21. दिन बीत जाते हैं सुहानी यादें बनकर , बातें रह जाती है कहानी बनकर , पर दोस्त तो हमेशा करीब रहेंगे , कभी मुस्कान तो कभी आँखों का पानी बनकर। 22. ये गम के आँशु काम न होंगे , यादों के पहरे हरदम न होंगे , कभी हमे भी यद् कर लिया करो , फिर क्या यद् करोगे, जब हम न होंगे। 23. कब तक अपना दर्द सीने में दबाये रखोगे , कब तक आंशुओं को आँखों में छुपाये रखोगे , मेरा फिर से लौट आना मुमकिन नहीं , तुम कब तक मेरी आस लगाए रखोगे। 24. कहते हैं दिल की बात हर किसी से कही नहीं जाती , अपनों को भी बताए नहीं जाती, पर आप जैसे लोग तो आइना होते हैं , और आइने से कोई बात छुपाई नहीं जाती। 25. चांद से जब मुलाकात होती है , आपके बारे में उनसे कुछ बात होती है , वो कहते हैं हमारे पास खूबसूरत सितारे हैं , हम कहते हैं उनसे भी खूबसूरत दिलदार हमारे हैं। 26. हंसना हमारा किसी को गवारा नहीं होता , हर मुसाफिर जिंदगी का सहारा नहीं होता, मिलते हैं कुछ लोग इस तन्हा जिंदगी में , पर कोई दोस्त आप सा प्यारा नहीं होता। 27. किसकी समझूं कीमत इस तेरे जहां में , तू मिटटी से इन्सान बनता है और वो मिटटी से तुझे। वो अफसाना जिसे मंजिल तक लाना न हो मुमकिन, उसे किसी खूबसूरत मोड़ पर छोड़ देना चाहिए। 28. साथ किसी का हमे याद करना , तन्हाई हो महसूस तो हमे याद करना , खुशियां बाँटने के लिए दोस्त हजार रखना , अगर गम बाँटना हो तो हमे याद करना। 29. आँखों से आंशु आ जाते हैं रोने से पहले , खाब टूट जाते हैं पुरे होने से पहले , प्यार गुनाह है ये तो समझ गए हम , काश कोई रोक लेता ये गुनाह होने से पहले।
रूठे न कोई तो क्या मजा मनाने में , एक तुम्ही से तो ख़ुशी है जरा सी , वरना क्या रखा है इस जिंदगी और जमाने में। 31. तू मेरा सपना मेरा अरमान है , पर शायद तू अपनी अहमियत से अनजान है , मुझसे कभी भी रूठ मत जाना आप , क्योंकि मेरी दुनियां आपके बिना बिरं है। 32. मत पूछो मेरे दिल का हल , आपका दिल भी बिखर जायेगा , इसलिए नहीं सुनाते अपने दिल का दर्द किसी को , ये सुनके तो तन्हाई के भी आंशु निकल आएंगे। 33. जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गए , अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गए , जब पड़ी हमे जरूरत किसी के साथ की , तो साथ चलने वाले अपना रास्ता मोड़ गए। 34. रोये हैं बहुत तब जरा करार मिला है , इस जहां में भला किसे सच्चा प्यार मिला है , गुजर रही है जिंदगी इम्तिहान के दौर से , एक ख़तम हुआ तो दूसरा त्यार मिला है। 35. जिस दिन से वो जुदा हुए , इस दिल ने धडकना छोड़ दिया , है चाँद का मुंह उतरा उतरा , तारों ने चमकना छोड़ दिया , जो वो होते तो बेरुत भी भर आ जाती थी , अब चाहे लाख बहारें आये , फूलों ने महकना छोड़ दिया। |

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