Hindi Poem Part-5 - Shadi Ke Bad
हिंदी कविता - शादी के बाद
दोस्तीअचानक ज़िन्दगी में कभी, एक अजनान सा शख्स आता है... जो दोस्त भी नहीं, हमसफर भी नहीं, फिर भी दिल को बहुत बहुत भाता है ढेरों बातें होती हैं उस से, हजारों दुख सुख भी बांटते हैं, जो बातें किसी से नहीं करते थे, वो भी हम उस से करते हैं है तो वो अजनबी सा, पर दिल को बहुत भाता है जाना पहचाना सा लगता है... कोई रिश्ता नहीं है उससे, फिर भी उसकी हर बात मानने को दिल करता है... कोई हक़ नहीं है उस पर हमारा फिर भी उस पर हक़ जताना हमको अच्छा लगता है... जब कुछ भी सुनने का मन ना हो तब भी, उसको सुनना अच्छा लगता है! दोस्ती है ऐसा रिश्ता जो पुरुष और महिला किसी भी रूप में मिल सकता है |
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