Hindi Shayari Part 21

   हिंदी शायरी पार्ट -21

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हिंदी शायरी पार्ट-21

1

बदल जाओ वक़्त के साथ या फिर वक़्त बदलना सीखो, 

मजबूरियों को मत कोसो,  हर हाल में चलना सीखो।

2

मिल जाए फुर्सत अगर जमाने से, 

हाल मेरा भी पूछ लेना किसी बहाने से।

3

 ख्वाब झूठे ही सही पर तुमसे मुलाकात तो करवाते  हैं। 

4

कितनी जल्दी दूर चले जाते हैं वो लोग, 

जिन्हें हम जिंदगी समझ कर खोना नहीं चाहते।

5

दो नाव  में सवार  थी उसकी जिंदगी , 

मैंने अपनी नाव  डुबोकर उसका सफर आसान कर  दिया। 

6

आँखों से गले लगा लिया करो , 

सीने से लगाने में पाबंदियां बहुत है।

7

कोशिश तो बहुत करते हैं कि मन शांत रहे , 

पर कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो दुखते बहुत हैं। 

8

 किस हक़ से मांगू अपने हिस्से का वक़्त आपसे , 

क्योंकि ना आप मेरे हो और ना  ही वक़्त मेरा है। 

9

 हमें तो सिर्फ इंतजार करने का हक़ है , 

बात करना ना करना तो आपकी मर्जी है।

10

अपना सफर अकेले ही ठीक है , 

वेबजह उम्मीद रखना अच्छी बात नहीं। 

11

क्या सहेजें क्या समेटें , 

सब प्यारी चीजें खो चुकी है , 

जिन जिन बातों  का डर था, 

वो सारी  बातें हो चुकी है।

12

 इतना भी महंगा मत समझो अपने आप को , 

हम गरीब लोग हैं अक्सर महंगी चीजें छोड़ दिया करते हैं।

13

 ख़तम सा होने लगा है उन लोगों से भी सम्बन्ध , 

जिनसे मिलकर लगा था कि ये कभी साथ नहीं छोड़ेंगे। 

14

 देर से ही सही पर समझ आने लगा है , 

कि हम किसी के लिए उतना खास नहीं हैं, जितना हम सोचते हैं।

15

लगाकर अपनी आदत किसी और से बात करते हो, 

मुझे शक ना हो जाए थोड़ी देर मुझसे भी बात करते हो।

16

प्रेम न करो पंछी जैसा, 

कि पेड़  सूखे  और उड़ जाए, 

प्रेम करो तो मछली जैसा, 

कि समुद्र  सूखे  तो मर जाए। 

17

किसी को सुनने से ज्यादा समझने की कोशिश करें , 

क्योंकि हर कोई उतना नहीं कह पता , 

जितंना महसूस करता है। 

18

उम्र भर निभाओगे, ऐसा मुझे वहम हुआ , 

एक रिश्ता उम्मीद पे शुरू हुआ,

और अफ़सोस पे ख़त्म ।

19

संभाल कर चल नादाँ , 

ये इंसानों की बस्ती है , 

यहां लोग रब को भी आजमा लेते हैं , 

तेरी क्या हस्ती है।

20

किसी के लिए खुली किताब मत बनो , 

टाइमपास का दौर है , 

पढ़ कर फैंक दिए जाओगे। 

21

अब न किसी का दिल दुखाना है, 

ना किसी पे हक़ जताना है , 

बस यूँ ही खामोश रहकर, 

दो पल की जिंदगी बितानी  है।

22

तुमसे दूर जाने का इरादा तो नहीं था , 

साथ रहने का वादा भी तो नहीं था , 

तुम याद नहीं करोगे ये  तो हम जानते थे  , 

पर इतनी जल्दी भूल जाओगे मुझे अंदाजा नहीं था। 

23

याद ऐसे करो कि हद न हो , 

भरोसा इतना करो कि शक न हो , 

इंतजार इतना करो कि कोई वक़्त न हो , 

और प्यार ऐसे करो कि कभी नफरत न हो। 

24

पता नहीं किस कलम से लिखी है किस्मत हमारी , 

जब भी थोड़ा खुश होने को होते हैं , 

तभी एक नया  दर्द मिल जाता है।

25

मैंने भी एक ऐसे शख्स को चाहा है, 

जिसको भूलना मेरे वस में नहीं, 

और पाना मेरी किस्मत में नहीं। 

26

फिजा में महकती शाम हो तुम , 

प्यार का छलकता जाम  हो तुम , 

सीने में छुपाये फिरते हैं तुम्हें , 

मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम।  

27

मिलकर बिछुड़ना दस्तूर है जिंदगी का , 

एक ही किस्सा मशहूर है जिंदगी का , 

बीते हुए पल कभी लौटकर नहीं आते , 

यही सबसे बड़ा कसूर है जिंदगी का।

28

 इज्जत किसी इंसान की नहीं होती , 

जरूरत की होती है , 

जरूरत ख़त्म इज्जत ख़त्म , 

यही दुनियां का सच है।

29

जिनके पास तुम्हारे लिए वक़्त न हो , 

उनको कभी परेशान मत करना , 

क्योंकि वो अपनी दुनियां में ब्यस्त हैं , 

और उस दुनियां में उन्हें तुम्हारी जरूरत नहीं।

30

भटक गए हम राहों में मंजिल का ठिकाना नहीं था, 

ले गई जिंदगी उन राहों में जहां हमें जाना नहीं था, 

कुछ किस्मत की मेहरबानी कुछ हमारा कसूर था, 

हमने खो दिया  सब कुछ वहां जहां कुछ पाना  नहीं था। 

31

समझौता ही तो पसंद नहीं था , 

पर वही  जिंदगी  बन गया , 

आधा अधूरा कुछ भी नहीं चाहिए था , 

पर नसीब में सब अधूरा ही रह गया। 

32

ना  जाने क्या मुझसे जमाना चाहता है, 

हर पल कोई न कोई दिल दुखाना चाहता है, 

ना जाने क्या झलकता है मेरे चेहरे से, 

हर शख्स  मुझे ही आजमाना चाहता है। 

33

चुभ  जाता है यह शब्द मुझे किसी खंजर की तरह, 

नम हो जाती हैं  आंखें मेरी किसी समुद्र की तरह, 

मगर अब  जी नहीं करता न लड़ने को और ना कुछ कहने को,  

बस दिल कहता है सह ले सब, 

तेरा आज नहीं है, बीते कल की तरह। 

34

 तेरे ना होने का मुझको मलाल एक तरफ, 

तू मेरी  क्यों ना हुई  ये  सवाल एक तरफ, 

यकीन मान  मैं  खुश हूं मगर तू जब संग थी , 

वह पल, वह दिन, वह महीना, वह साल एक तरफ, 

गुलाब पर यह चटक रंग चढ़ेगा कैसे, 

मैं बैठा सोचने  रख के गुलाल एक तरफ, 

जहां भर के हैं मंजर मेरी नजर में मगर, 

उस एक शख्स का दिल में ख्याल एक तरफ, 

हजार शिकवे शिकायत मुझे है तुझसे  मगर , 

वह कुछ दिनों की तेरी देखभाल एक तरफ। 

35

जो वक़्त नहीं दे सकते वो साथ क्या देंगे। 

जो कभी नहीं हारता वो संतान से हर जाता है ।  

कसूर धोखा  वालों का नहीं होता , भरोसा करने वालों का होता है। 

हमने छोड़ दिए वो लोग, जिन्हे जरूरत थी पर कद्र नहीं। 

जिससे भी मिलिए मोहब्बत से मिलिए लोग बताते नहीं मगर तन्हा बहुत हैं। 

ये अपने से लगने वाले लोग काश सच में अपने होते। 

घाव के कष्ट से अधिक दुखदाई होता है लोगों का झूठा लगाव। रिश्ता वही कीमती है जिसमे आपकी कीमत हो।

कोई जाने या न जाने पर सबकी अंतरात्मा जानती है , के  कहाँ सही थे और कहाँ गलत।




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