Hindi Shayari Part 21
हिंदी शायरी पार्ट -21
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1 |
बदल जाओ वक़्त के साथ या फिर वक़्त बदलना सीखो, मजबूरियों को मत कोसो, हर हाल में चलना सीखो। |
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2 |
मिल जाए फुर्सत अगर जमाने से, हाल मेरा भी पूछ लेना किसी बहाने से। |
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कितनी जल्दी दूर चले जाते हैं वो लोग, |
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दो नाव में सवार थी उसकी जिंदगी , |
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कोशिश तो बहुत करते हैं कि मन शांत रहे , पर कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो दुखते बहुत हैं। |
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किस हक़ से मांगू अपने हिस्से का वक़्त आपसे , |
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हमें तो सिर्फ इंतजार करने का हक़ है , |
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क्या सहेजें क्या समेटें , सब प्यारी चीजें खो चुकी है , |
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ख़तम सा होने लगा है उन लोगों से भी सम्बन्ध , |
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देर से ही सही पर समझ आने लगा है , |
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लगाकर अपनी आदत किसी और से बात करते हो, मुझे शक ना हो जाए थोड़ी देर मुझसे भी बात करते हो। |
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प्रेम न करो पंछी जैसा, कि पेड़ सूखे और उड़ जाए, प्रेम करो तो मछली जैसा, कि समुद्र सूखे तो मर जाए। |
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17 |
किसी को सुनने से ज्यादा समझने की कोशिश करें , जितंना महसूस करता है। |
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उम्र भर निभाओगे, ऐसा मुझे वहम हुआ , |
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संभाल कर चल नादाँ , |
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किसी के लिए खुली किताब मत बनो , |
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अब न किसी का दिल दुखाना है, |
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पता नहीं किस कलम से लिखी है किस्मत हमारी , |
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मैंने भी एक ऐसे शख्स को चाहा है, |
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फिजा में महकती शाम हो तुम , |
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मिलकर बिछुड़ना दस्तूर है जिंदगी का , |
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इज्जत किसी इंसान की नहीं होती , |
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जिनके पास तुम्हारे लिए वक़्त न हो , |
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समझौता ही तो पसंद नहीं था , |
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ना जाने क्या मुझसे जमाना चाहता है, हर पल कोई न कोई दिल दुखाना चाहता है, ना जाने क्या झलकता है मेरे चेहरे से, हर शख्स मुझे ही आजमाना चाहता है। |
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33 |
चुभ जाता है यह शब्द मुझे किसी खंजर की तरह, नम हो जाती हैं आंखें मेरी किसी समुद्र की तरह, मगर अब जी नहीं करता न लड़ने को और ना कुछ कहने को, बस दिल कहता है सह ले सब, तेरा आज नहीं है, बीते कल की तरह। |
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जो वक़्त नहीं दे सकते वो साथ क्या देंगे। कसूर धोखा वालों का नहीं होता , भरोसा करने वालों का होता है। हमने छोड़ दिए वो लोग, जिन्हे जरूरत थी पर कद्र नहीं। जिससे भी मिलिए मोहब्बत से मिलिए लोग बताते नहीं मगर तन्हा बहुत हैं। ये अपने से लगने वाले लोग काश सच में अपने होते। घाव के कष्ट से अधिक दुखदाई होता है लोगों का झूठा लगाव। रिश्ता वही कीमती है जिसमे आपकी कीमत हो। कोई जाने या न जाने पर सबकी अंतरात्मा जानती है , के कहाँ सही थे और कहाँ गलत। |

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